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Navaratri Special Falahari Recipes

नवरात्रि स्पेशल – फलाहारी रेसिपीज़

जैसा कि सब ही जानते हैं चैत्र नवरात्र चल रहे हैं और हर घर में माँ भगवती के नौ रूपों की पूजा अर्चना की जा रही है | आज चैत्र शुक्ल तृतीया – यानी तीसरा नवरात्र है – देवी के चन्द्रघंटा रूप की उपासना का दिन | चन्द्रः घंटायां यस्याः सा चन्द्रघंटा – आह्लादकारी चन्द्रमा जिनकी घंटा में स्थित हो वह देवी चन्द्रघंटा के नाम से जानी जाती है – इसी से स्पष्ट होता है कि देवी के इस रूप की उपासना करने वाले सदा सुखी रहते हैं और किसी प्रकार की बाधा उनके मार्ग में नहीं आ सकती |

नौ दिन चलने वाले इस पर्व में लगभग प्रत्येक घर में फलाहार ही ग्रहण किया जाएगा | हम पिछले कुछ दिनों से अपने WOW India के सदस्यों द्वारा भेजी हुई भारतीय परम्परा के अनुसार बनाए जाने वाले फलाहारी पकवानों की रेसिपीज़ आपके साथ साँझा कर रहे हैं | इसी क्रम में आज हम फिर से दो रेसिपीज़ प्रस्तुत कर रहे हैं… पहली रेसिपी है दही भल्लों की और दूसरी एक ख़ास क़िस्म के शरबत की… तो, पहले खाने का कार्य हो जाए… जी हाँ, भल्ले… जिन्हें बड़े भी कहा जाता है… हम लोग मूँग की दाल, उड़द की दाल वगैरा के भल्ले तो अक्सर खाते ही हैं… लेकिन व्रत में तो ये खाए नहीं जा सकते… तो क्यों न कुट्टू ले आटे में लौकी मिलाकर उसके भल्ले बनाए जाएँ…? कैसे…? आइये सीखते हैं रेखा अस्थाना जी से… और फिर उन्हें पचाने के लिए आँवले का शरबत… जो हमें सिखाएँगी अर्चना गर्ग… डॉ पूर्णिमा शर्मा…

लौकी के भल्लों के लिए सामग्री…

  • लौकी… आधा किलो

    Dahi Balla
    Dahi Balla
  • कुट्टू का आटा एक कटोरी (कुट्टू का आटा सदैव छानकर ही इस्तेमाल करें)
  • दही… आधा किलो
  • सेंधा नमक… स्वादानुसार
  • भुना जीरा… दो स्पून
  • कटी हरी मिर्च… स्वादानुसार
  • अदरख यदि खाते हो तो – हमने आपसे पहले भी बताया है कि आवश्यक नहीं आप ये सारी चीज़ें इस्तेमाल करें, वही चीज़ें इस्तेमाल करें जो आपके घर में खाई जाती हैं
  • रिफाइंड ऑयल… तलने के हिसाब से

विधि…

लौकी छीलकर कद्दूकस कर लें | फिर उसका पानी निचोड़ लें | निचोड़ी हुई लौकी को जीरा और हरी मिर्च के साथ एक चम्मच रिफाइंड कढ़ाई में डालकर उसे पका लें और फिर ठंडा करके उसमें कुट्टू का आटा, सेंधा नमक और अदरख मिलाकर पेड़े का आकार देकर नानस्टिक में गुलाबी सेंक कर प्लेट पर रख लें |

इधर दही को फेंटकर उसमें नमक, भुना पिसा जीरा व हरी मिर्च तथा हरी धनिया मिलाकर तैयार रखें | जब व्रत खोलने का समय हो उससे दस मिनट पूर्व प्लेट में सजी लौकी के पेड़ों पर दही डालकर सर्व करें |

इनको वाराणसी में उपवासी दही बड़े कहा जाता है | इसे खाने से तन -मन दोनों ही स्वस्थ रहता है | पेट भी ठीक रहता है | इसी तरह कच्चे पपीते के भी भल्ले बनाए जा सकते हैं |

इनके साथ यदि इमली या अनारदाने की सोंठ हो या हरी चटनी भी हो तो स्वाद और अधिक बढ़ जाएगा…

_________रेखा अस्थाना

 

आंवले का शरबत

अभी हमने बहुत सारी व्रत की रेसिपी सीखी | आज हम आपको बताने जा रहे हैं आंवले का शरबत जो कि व्रत में पिया जा सकता है | यह सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है | आंवले का शरबत बनाना बहुत ही आसान है | चलिए देखते हैं कि आंवले का शरबत कैसे बनाते हैं…

सामग्री…

Amle ka Sharbat
Amle ka Sharbat
  • एक कप आंवले का रस
  • दो कप चीनी
  • कुछ पुदीने के पत्ते
  • थोड़ा सा काला नमक
  • थोड़ा सा भुना जीरा
  • एक कप पानी

बनाने की विधि…

सबसे पहले हमने आंवले का एक कप जूस निकाला | आंवले का जूस निकालने के लिए आंवलों को महीन कद्दूकस में कस कर महीन जाली के कपड़े से छान छान कर कसके निचोड़ लीजिये |

अब कढ़ाई में चीनी और पानी डालकर उसे उबालने रख दीजिये | जब वह अच्छी तरह से उबल जाए तो उसमें चीनी मिलाकर गैस बंद कर दे और उसे ठंडा होने के लिए रख दें | जब वह बिल्कुल ठंडा हो जाए तो उसे कांच की बोतल में भरकर फ्रिज में भरकर रख दें | यह लगभग 2 से 3 महीने तक फ्रिज में चल सकता है | जब आपके घर में कोई आए या आपको खुद पीना हो तो ग्लास में चार चम्मच आंवले का शरबत डाल दें और कुछ क्रश किया हुआ बर्फ और पानी मिला दे | आप चाहे तो इसको सोडे में भी सर्व कर सकते हैं | सर्व करते समय इसमें थोड़ा सा काला नमक थोड़ा सा भुना जीरा और चार पांच पत्ते पुदीने के डालकर आप इसे सर्व करें यह बहुत ही स्वादिष्ट शरबत होगा |

आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, कैल्शियम और कैंसर के बचाव के लिए एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं | आंवले का जूस अल्सर की रोकथाम में बहुत गुणकारी है | वजन कम करने के लिए आंवला बहुत फायदेमंद है | आंख की रोशनी और बालों को काला करने के लिए यह एक रामबाण का काम करता है | साथ ही शरीर को ठंडक पहुँचाता है |

__________________अर्चना गर्ग

तो बनाइये लौकी के भल्ले और साथ में आनन्द लीजिये आंवले के शरबत का… माँ चन्द्रघंटा के रूप में भगवती सभी की रक्षा करें और सभी की समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण करें… डॉ पूर्णिमा शर्मा…

 

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Navaratri Special – Falahari Recipes

नवरात्रि स्पेशल – फलाहारी रेसिपीज़

जैसा कि सब ही जानते हैं, आज से माँ भगवती के नौ रूपों की उपासना का पर्व नवरात्र आरम्भ हो चुके हैं | आज दूसरा नवरात्र है – देवी के ब्रह्मचारिणी रूप की उपासना आज की जाती है | नौ दिन चलने वाले इस पर्व में लगभग प्रत्येक घर में फलाहार ही ग्रहण किया जाएगा | हम पिछले तीन दिनों से अपने WOW India के सदस्यों द्वारा भेजी हुई भारतीय परम्परा के अनुसार बनाए जाने वाले फलाहारी पकवानों की रेसिपीज़ आपके साथ साँझा कर रहे हैं | इसी क्रम में आज हम प्रस्तुत कर रहे हैं दो रेसिपीज़… पहली रेसिपी है लड्डुओं की और दूसरी एक ख़ास तरह की रबड़ी की… और अन्त में चलते चलते कुछ अपनी पसन्द का भी लिखा है… डॉ पूर्णिमा शर्मा

पहली रेसिपी है सफ़ेद तिल, बादाम और पेठे से बने लड्डू जो हमें सिखा रही हैं रेखा अस्थाना…

तिल, बादाम और पेठे से बने लड्डू
तिल, बादाम और पेठे से बने लड्डू

सामग्री…

  • बादाम…150 ग्रा०
  • तिल… 200 ग्रा० सफेद
  • पेठा मीठा तैयार… 200 ग्रा०

विधि…

बादाम को आधे छोटे चम्मच घी डालकर सेंक ले |

फिर कढा़ई को पोंछकर उसमें तिल भून लें | तिल तड़कने लगें तो उतार लें और ठण्डा होने दें |

पेठा कद्दूकस कर लें |

अब तिल, बादाम और पेठा सब मिलाकर लड्डू बाँध लें |

तो सबसे पहले माँ भगवती को भोग लगाकर अपने घर के लड्डू गोपाल को खिलाएँ… बच्चों को बार बार खिलाकर ही टेस्ट डेवेलप होता है अन्यथा इन सब चीज़ों को कोई पसन्द नहीं करता… खासकर आजकल के बच्चे… लेकिन पौष्टिकता से भरपूर ये लड्डू होते हैं और व्रत में इन्हें खाने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है… तो एक बार बनाकर ज़रूर देखें…

रेखा अस्थाना

 

और अब दूसरी रेसिपी… रबड़ी तो हम सभी बड़े चाव से खाते हैं… हम तो जिस नगर से आते हैं – नजीबाबाद से – क्या ग़ज़ब होती थी वहाँ की रबड़ी… अच्छी तरह से कढाए

आम की रबड़ी
आम की रबड़ी

हुए दूध की बनती थी वो रबड़ी और मुलायम लेकिन मोटे लच्छे भी होते थे हलके मीठे की उस रबड़ी में… अभी भी याद करते हैं तो मुँह में पानी भर आता है… लेकिन आज एक अलग ही तरह की रबड़ी हमें बनाना सिखा रही हैं अर्चना गर्ग… जी हाँ, के मौसम में आम की रबड़ी… आइये सीखते हैं…

आम की रबड़ी

सामग्री…

  • 1kg फुल क्रीम दूध
  • ½kg tight आम जिसका लच्छा बन सके
  • 1/4 चम्मच इलायची पाउडर
  • 1/2 कप कंडेंस्ड मिल्क या चीनी
  • 50 ग्राम बादाम और काजू सजाने के लिए

बनाने की विधि…

दूध को एक पैन में गर्म करने के लिए रख दें | जब वह उबलने लगे और 1/4 रह जाए तो गैस बन्द कर दें | अगर आप कंडेंस्ड मिल्क मिला रही हैं तो चीनी ना मिलाएं | साथ ही आम को कद्दूकस करके लच्छा बना लें | जब दूध बिल्कुल ठंडा हो जाए तो उसमें इलायची पाउडर और लच्छा मिला दें | लीजिए आम की रबड़ी तैयार है | इतनी सरल है बनाने में और खाने में बहुत स्वादिष्ट लगती है | नवरात्र के लिए स्पेशल मिठाई है | आम का सीजन भी आ गया है… तो आप भी खाएं औरों को भी खिलाएं…

_____________अर्चना गर्ग

 

कच्चे आलू का चीला

कच्चे आलू का चीला
कच्चे आलू का चीला

तो ये तो थीं दो बड़ी ही स्वादिष्ट मिठाइयाँ व्रत में खाने के लिए | अब क्यों न कुछ नमकीन भी हो जाए ? भई हमें कच्चे आलू के चीले बहुत पसन्द हैं | आपमें से बहुत से घरों में ये बनाए भी जाते होंगे | हर किसी की अपनी अपनी विधि होती है बनाने की… तो हम जिस तरह से बनाते हैं उसकी विधि आपको बता रहे हैं…

इसके लिए एक कच्चा आलू लीजिये | इसे छीलकर कद्दूकस में कस कर लच्छा बना लीजिये | लच्छा न अधिक मोटा हो न बारीक | मीडियम साइज़ में हो | आलू के लच्छे का सारा पानी निचोड़ लीजिये और इस लच्छे में अपने स्वाद के अनुसार नमक, बारीक कटी हुई हरी मिर्च, बारीक कटा हुआ अदरख और थोड़ा सा बारीक कटा धनिया मिला लीजिये | अब एक नॉन स्टिक पेन गर्म कीजिए | गर्म होने पर इस पर ब्रश की सहायता से हल्की सी चिकनाई चुपड़ दीजिये और आलू के लच्छे का जो घोल आपने बनाकर रखा है उसे इस पर चीले की तरह से फैला दीजिये | एक तरफ से सिक जाए तो पलट कर दूसरी ओर से ब्राउन होने तक सेक लीजिये | पलटना आराम से है ताकि टूट न जाए | लीजिये आपका गरमागरम करारा करारा आलू का चटपटा चीला तैयार है | इसे आँवले की चटनी के साथ सर्व कीजिए और ख़ुद भी खाइए | आँवले की चटनी की रेसिपी कल रखा जी ने बताई थी…

_________डॉ पूर्णिमा शर्मा

bookmark_borderNavaratri Special – Sago or Tapioca Cutlets

Navaratri Special – Sago or Tapioca Cutlets

नवरात्रि स्पेशल – साबूदाना कटलेट

जैसा की सब ही जानते हैं, आज से माँ भगवती के नौ रूपों की उपासना का पर्व नवरात्र आरम्भ हो चुके हैं | नौ दिन चलने वाले इस पर्व में लगभग प्रत्येक घर में फलाहार ही ग्रहण किया जाएगा | हम पिछले तीन दिनों से अपने WOW India के सदस्यों द्वारा भेजी हुई फलाहार की रेसिपीज़ आपके साथ साँझा कर रहे हैं | इसी क्रम में क्यों न आज बनाए जाएँ साबूदाने के कटलेट…? वैसे तो साबूदाने कटलेट प्रायः हर घर में बनाए जाते हैं… लेकिन हर किसी के बनाने की विधि और स्वाद अलग होता है… तो आज सीखते हैं हमारी रेखा अस्थाना जी से साबूदाने के कटलेट बनाना… डॉ पूर्णिमा शर्मा…

साबूदाने के कटलेट के लिए सामग्री…

  • एक कटोरी साबूदाना एक दिन पहले से भीगे हुए, सुबह पानी निथार दे

    Rekha Asthana
    Rekha Asthana
  • चार उबले आलू
  • हरी मिर्च चार
  • हरी धनिया
  • कद्दूकस किया हुआ अदरख एक चम्मच
  • सेंधा नमक

विधि…

साबूदाना खूब अच्छी तरह से भीगकर फूल जाना चाहिए | उसका सारा पानी निथार लें | अब उसमें हरी मिर्च, हरी धनिया, अदरख व सेंधा नमक मिला लें | आलू को मैश कर उसी में मिला लें |

हथेली में रिफाइन्ड लगाकर छोटी लोई बराबर मिक्सड साबूदाना ले कर हार्ट की आकृति बना कर प्लेट में रखती जाएँ | जब सब बन जाए तो उसे आप चाहें तो तलें या  नानस्टिक में गुलाबी सेंक लें |

चटनी के साथ गरमागरम परोसे |

व्रत की चटनी के लिए सामग्री…

  • धनिया या पुदीना जो भी व्रत में आपके यहाँ खाया जाता हो
  • हरी मिर्च
  • कच्चा आँवला
  • सेंधा नमक

इन सबको मिलाकर थोड़ी गीली सी चटनी बना लें | इन कटलेट के साथ बाउल में अवश्य दें |

ध्यान रहे कि सब घरों में व्रत में जो भी तेल नमक घी आदि प्रयोग किये जाते हैं वे एक ही नहीं होते | किसी घर में सेंधा नमक काम में लेटे हैं तो कहीं साधारण नामक ही लेटे हैं | कहीं देसी घी इस्तेमाल करते हैं ओ कहीं कोई तेल | इसलिए आपके यहाँ जो खाया जाता है केवल उसी का ही इस्तेमाल करें |

वैसे अभी हम आपको नौ दिन बिल्कुल अलग तरह का फलाहार खिलाने वाले हैं। बस आप एक बार बनाकर देखें।

___________रेखा अस्थाना

bookmark_borderNavaratri Special – Water Chestnut Flour Kadhi

Navaratri Special – Water Chestnut Flour Kadhi

नवरात्रि स्पेशल – सिंघाड़े के आटे की कढ़ी

जैसा की सब ही जानते हैं, कल से माँ भगवती के नौ रूपों की उपासना का पर्व नवरात्र आरम्भ होने जा रहे हैं | सभी लोग पूर्ण आस्था के साथ माँ भगवती की पूजा अर्चना

Rekha Asthana
Rekha Asthana

करेंगे | चौदह अप्रैल को चैत्र शुक्ल द्वितीया – दूसरा नवरात्र – माँ भगवती के दूसरे रूप की उपासना का दिन | देवी का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी का है – ब्रह्म चारयितुं शीलं यस्याः सा ब्रह्मचारिणी – अर्थात् ब्रह्मस्वरूप की प्राप्ति करना जिसका स्वभाव हो वह ब्रह्मचारिणी | यह देवी समस्त प्राणियों में विद्या के रूप में स्थित है…

नवरात्घरों में घर घर में व्रत में खाए जाने वाले फलाहार के पकवान बनेंगे | प्रायः हर घर में साबूदाने की खिचड़ी, कुट्टू सिंघाड़े के आटे की पूरी पकौड़ी, सिंघाड़े के आटे का हलवा, रागी और चौलाई के आटे से बने पकवान, सामख के चावलों से निर्मित पकवान, मखाने की खीर इत्यादि इत्यादि न जाने कितने प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं | हम इस अवसर पर अपने सदस्यों द्वारा भेजी हुई नवरात्रों में खाए जाने वाले पकवानों की विधि आपको बता रहे हैं | कढ़ी तो हम सभी बे चाव से खाते हैं… अलग अलग तरह की कढ़ी… कहीं पंजाबी कढ़ी तो कहीं मारवाड़ी कढ़ी तो कहीं गुजराती कढ़ी, सिन्धी कढ़ी, हिमाचली कढ़ी इत्यादि इत्यादि… कहीं कढ़ी बेसन और दही मट्ठे से बनाई जाती है, कहीं इमली से तो कहीं मूँग की डाल की पिट्ठी की कढ़ी बनाई जाती है… लेकिन इनमें से कोई भी कढ़ी नवरात्रों में नहीं खाई जा सकती… अब अगर नवरात्रों में परिवार के सदस्यों का कढ़ी खाने का मन क्या करेंगे…? ज़ाहिर सी बात है नवरात्र में जिस जिस आटे का हम प्रयोग करते हैं उसी आटे से बनाएँगे… तो आइये आज बनाते हैं सिंघाड़े के आटे की कढ़ी… कैसे…? आइये सीखते हैं हमारी रेखा अस्थाना जी से… एक और बात, रेखा जी वाराणसी से सम्बन्ध रखती हैं इसलिए वे प्रायः उसी क्षेत्र की रेसिपीज़ साँझा करती हैं… रेसिपी पढ़ने के लिए कृपया लिंक पर जाएँ… डॉ पूर्णिमा शर्मा…

शकरकन्दी का पूओं की तरह ये भी ये भी वाराणसी का ही व्यंजन है | वाराणसी के लोग मस्त मौला और शिव जी के उपासक हैं | वहाँ हलवाई भी खूब फलाहार बनाते हैं | प्रातः ही नहा धोकर लग जाते हैं फलाहार बनाने में | क्या मज़ाल कि आप उनके व्यंजन को छू भी दें | अगर गलती से छू दिया आपने तो सब  कुछ गौ माता को खिला कर सबका पैसा आपसे वसूलेंगे | तो भैया सावधान होकर ही जाना आप…

अब हम आपको कढ़ी की विधि बताएँगे…

सामग्री…

  • एक कटोरी सिंघाड़े का आटा

    Singhada kadhi
    Singhada kadhi
  • एक कटोरी दही
  • चार हरी मिर्च
  • चार उबले आलू
  • एक चम्मच जीरा
  • नमक सेंधा स्वादानुसार

विधि…

आलू को स्लाइस में काट कर हरी मिर्च और जीरे के साथ छौंक दें |

अब सिंघाड़े का आटा व दही खूब अच्छी तरह मिलाकर घोल बना लें | घोल पतला ही होना चाहिए | दस मिनट के बाद उस घोल को आलू की कड़ाही में डाल दें और करछुल से चलाते रहें | ध्यान रहे बराबर चलाते रहना है जब तक वह पन्द्रह मिनट में पक न जाए |

आप अपने हिसाब से उसमें हरी धनिया भी डाल सकती हैं |

ध्यान रहे आपके घर पर व्रत में जो खाया जाता है उसी का इस्तेमाल करें | ये कुट्टू के आटे की गर्म पूड़ियों के साथ बहुत अच्छी लगेगी |

इसके साथ ही हरी धनिया, हरी मिर्च और एक आँवला डालकर आप चटनी पीस सकती हैं | सभी चीज़ों में सेंधा नमक का ही इस्तेमाल करें | यह हितकर होता है |

माँ भगवती का ब्रह्मचारिणी रूप हम सबकी रक्षा करते हुए सबकी मनोकामनाएँ पूर्ण करे और सबके ज्ञान विज्ञान में वृद्धि करे…

___________________रेखा अस्थाना

bookmark_borderNavaratri Special – Potato cake

Navaratri Special – Potato cake

नवरात्रि स्पेशल – आलू केक

जैसा की सब ही जानते हैं, कल से माँ भगवती के नौ रूपों की उपासना का पर्व नवरात्र आरम्भ होने जा रहे हैं | कल देवी के प्रथम रूप शैलपुत्री की उपासना की जाएगी | शक्ति का यह रूप शिव के साथ संयुक्त है, जो प्रतीक है इस तथ्य का कि शक्ति और शिव के सम्मिलन से ही जगत का कल्याण सम्भव है | नवरात्रों में सभी लोग पूर्ण आस्था के साथ माँ भगवती की पूजा अर्चना

Archana Garg
Archana Garg

करेंगे | घर घर में व्रत में खाए जाने वाले फलाहार के पकवान बनेंगे | प्रायः हर घर में साबूदाने की खिचड़ी, कुट्टू सिंघाड़े के आटे की पूरी पकौड़ी, सिंघाड़े के आटे का हलवा, रागी और चौलाई के आटे से बने पकवान, सामख के चावलों से निर्मित पकवान, मखाने की खीर इत्यादि इत्यादि न जाने कितने प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं | तो इन्हीं सबके साथ क्यों न इस बार आलू का केक बनाया जाए…? कैसे…? आइये सीखते हैं हमारी अर्चना गर्ग जी से… डॉ पूर्णिमा शर्मा…

 

मान लीजिये नवरात्रि में आपका जन्मदिन हो और आप केक न खाए तो ऐसा तो नहीं हो सकता न… तो आइए बनाए आज आलू का केक…

सामग्री…

  • आलू… ½ किलो
  • देसी घी… डेढ सौ ग्रा०
  • चीनी… डेढ़ सौ ग्रा०
  • मेवे… बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता… या जो भी आपकी इच्छा हो… सौ ग्राम बारीक कटे हुए
  • पानी… 75 मिली लीटर

विधि…

आलू को उबालकर छील लें और फिर अच्छे से मैश कर लें |

पैन में घी डालकर आलू को गुलाबी होने तक भूनें गोल्डन ब्राउन होने तक | फिर उसमें चीनी और पानी डालकर अच्छी तरह चलाती रहें | हलवे की तरह बन जाना चाहिए | फिर उसे एक प्लेट में निकाल कर केक का आकार दे दीजिये | ऊपर से ड्राईफ्रूट्स व केसर से सजा दीजिये |

यह आपको दिन भर एनर्जी भी देगा ये फलाहारी केक और इससे आप भगवान का भोग भी लगा सकती हैं | आपकी प्रिंसेस भी खुश  हो जाएगी |

शैलपुत्री के रूप में माँ भगवती सभी का कल्याण करें…

______________अर्चना गर्ग

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Navratri special – Dumplings of Sweet Potatoes

नवरात्रि स्पेशल – शकरकन्दी के पूए

जैसा कि सब ही जानते हैं, तेरह अप्रैल से माँ भगवती के नौ रूपों की उपासना का पर्व नवरात्र आरम्भ होने जा रहे हैं | सभी लोग पूर्ण आस्था के साथ माँ भगवती की पूजा अर्चना करेंगे | घर घर में व्रत में खाए जाने वाले फलाहार के पकवान बनेंगे | प्रायः हर घर में साबूदाने की खिचड़ी, कुट्टू सिंघाड़े के आटे की पूरी पकौड़ी, सिंघाड़े के आटे का हलवा, रागी और चौलाई के आटे से बने पकवान, सामख के चावलों से निर्मित पकवान, मखाने की खीर इत्यादि इत्यादि न जाने कितने प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं | तो इन्हीं सबके साथ क्यों न इस बार शकरकन्दी – जिसे स्वीट पोटेटो भी कहा जाता है – के पूए भी बनाए जाएँ…? कैसे…? आइये सीखते हैं हमारी रेखा अस्थाना जी से… रेखा अस्थाना जी WOW India की सक्रिय सदस्य होने के साथ ही साहित्यिक संस्था साहित्य मुग्धा दर्पण की अध्यक्षा भी हैं… साथ में पर्यावरण संरक्षण जैसे बहुत से सामाजिक कार्यों से भी सन्नद्ध रहती है… तो, आइये सीखते हैं शकरकन्दी के पूए बनाने की विधि… डॉ पूर्णिमा शर्मा…

जय माता दी….

आज मैं आपको पूर्वी उत्तर प्रदेश के व्रत के व्यंजन बनाना बताती हूँ | आप आज बनाएँगे शकरकन्दी के पूए… इसके लिए सामग्री चाहिए…

Rekha Asthana
Rekha Asthana
  • सिंघाड़े का आटा एक कटोरी
  • 250 ग्राम शकरकन्दी जिसे आप स्वीट पोटेटो भी कहते हैं
  • ­50 ग्राम चीनी – क्योंकि शकरकन्दी अपने आपमें ही बहुत मीठी होती है
  • चार छोटी यानी हरी इलायची पीसी हुई
  • घोल बनाने के लिए दूध आवश्यकतानुसार

शकरकन्दी को उबाल कर छील लें | ध्यान रखे उबालते समय पानी बहुत अधिक न हो, नहीं तो उसकी मिठास चली जाती है | अब पोटेटो मैशर की मदद से या हाथ से ही उसे मैश कर लें | सिंघाड़े के आटे में शकरकन्दी, चीनी, पीसी इलायची को एक साथ मिलाकर दूध के साथ पूए का घोल बना लें |

अब एक छिछली कढ़ाई में घी गरम करके पूए उसमें छोड़ते जाएँ | पूए अधिक कड़े न हो जाएँ और स्पोंजी रहे इसके लिए घोल को न अधिक गाढ़ा होने दें न अधिक पतला |

लीजिये, शकरकन्दी के गरमागरम पूए तैयार हैं | व्रत में चाय के साथ खुद भी खाइए और परिवार के लोगों को भी खिलाइए…

आपकी अपनी – रेखा अस्थाना….

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Recipe of Tapioca ke Papad

साबूदाने के पापड़

आने वाली तेरह अप्रैल से माँ भगवती की उपासना का नौ दिन का पर्व नवरात्र आरम्भ होने जा रहे हैं | इस अवसर पर हर घर में भगवती की पूजा अर्चना के साथ ही अनेक प्रकार के फलाहार के पकवान भी बनाए जाएँगे | तो क्यों न साबूदाने यानी Sago या Tapioca के पापड़ बनाए जाएँ और फिर उन्हें व्रत के दिनों में तल कर खाया जाए… कैसे ? सीखते हैं अर्चना गर्ग से… सादर: डॉ पूर्णिमा शर्मा

साबूदाना के पापड़

Archana Garg
Archana Garg

सामग्री….

2 कप साबूदाना महीन

10 कप पानी

2 छोटे चम्मच जीरा

1 चम्मच कुटी लाल मिर्च

नमक स्वादानुसार

विधि…

साबूदाना पापड़ बनाने के लिए छोटे दाने का साबूदाना लें और उसे चार घंटे पानी में भिगो दें |

एक मोटी तली का बर्तन लें और उसमें भीगे हुए साबूदाना को निकालकर बर्तन में पलट लें | फिर दस कप पानी डालकर गैस पर चढ़ा दें और लगातार करछी से चलाते रहें | साथ ही उसमें नमक, मिर्च और जीरा भी डाल दें | इतना ध्यान रखें कि उसमें गाँठें न पड़ने पाएँ | जब गाढ़ा हो जाए तो गैस बन्द करके बर्तन को नीचे उतार लें |

अब बड़े परात में तली में तेल लगा कर एक एक करछी साबूदाना डालकर पापड़ के लिए गोल आकार दें और सूखने के लिए धूप में किसी साफ़ कपडे पर फैलाती रहें | अच्छी धूप में पापड़ों को उलट पलट करती रहें | चार दिन बाद आपके पापड़ सूखकर तैयार मिलेंगे । अब इन्हें चाहें तो तलकर खाइए या फिर हल्की सी चिकनाई लगाकर माइक्रोवेव में भी भून का खा सकते हैं |

bookmark_borderNavratri Special Khandavi from Singhada Flour

Navratri Special

Dr. Purnima Sharma
Dr. Purnima Sharma

Khandavi from Singhada Flour

 

Friends! Navratri festival is near, from 13th April Navratri festivals are going to start. Almost all of us will have fast and will be busy to prepare some Falahari foods to eat during fasting. So why not make Khandavi from Singhada or Indian Water Chestnut flour… How? Let us learn from Archana Garg…

______________Dr. Purnima Sharma…

 

Khandavi from Singhada or Indian Water Chestnut flour… with Almond and Date Chutney…

 

Cooking time: 10 mins

Prep time :30 mins

Archana Garg
Archana Garg

Serves :4

Ingredients

1 cup: Singhada Flour

2 cups: Mattha (buttermilk)

1/4 cup: Grated coconut

1/4 cup: Grated carrot

As per taste: Salt

2-3: Green Chillies

3-4: Singhade (Water Chestnut)

3-4 cut in round shape for decoration

capsicum: Few twigs for decoration

Coriander: For tadka

Oil: 5-6 spoons

Almonds: 1/4 cup

Coriander

3-4: Green Chillies

As per taste: Salt

2 tsp: lemon juice

 

Method to cook:

Mix atta with cold buttermilk. Make sure there are no lumps.

Heat a pan and add this mixture. Keep stirring till it resembles a halwa like texture. Take a little on a plate and see that it doesn’t stick.

Clean the kitchen slab and spread the mixture on the slab.

Put a plastic on top of it and spread it evenly using a belan (Rolling pin) into a thin layer.

Take out the plastic and cut into thin strips.

Keep it in a plate and add tadka of coconut, green chillies and coriander.

Decorate with carrot, capsicum, green chilli and coriander.

You can use Singhada for decoration

For chutney, grind green chillies, almond, coriander and salt in a mixer to a fine paste.

Add lime juice and enjoy with khandavi.

 

Nutrition value of Singhada: it is low in calories. It has potassium, zinc, iodine, vitamin B and E. It acts as a coolant and detoxifier.

___________________Archana Garg